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नई दिल्ली(जेएनएन)। प्रधानमंत्री पीएम मोदी इस बार विजयदशमी लखनऊ में मनाएंगे। 11 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन पीएम मोदी लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान से बुराइयों पर अच्छाइयों की जीत का संदेश देंगे।

 

अभी तक ज्यादातर प्रधानमंत्रियों ने दिल्ली में ही विजयदशमी का त्योहार मनाया है। हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री ने दिल्ली के बाहर दशहरा मनाने की सोची है। पीएम मोदी कुछ अलग करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्होंने लखनऊ से दुनिया पर छाई आतंक की काली छाया के संपूर्ण नाश की हुंकार भरने का निर्णय लिया है।

पीएम नरेंद्र मोदी की दशहरा पर लखनऊ आगमन की तैयारी

अलहदा कामों के लिए मशहूर पीएम

पीएम मोदी के लिए यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी बाढ़ की आपदा से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर राज्य के दुखों में शामिल होने के लिए मोदी ने यहां दीवाली का त्योहार मनाया था। कुछ ऐसे ही लखनऊ स्थित ऐशबाग का रामलीला मैदान गवाह बनेगा। जल्द ही उत्तर प्रदेश में विधान सभा के चुनाव होने जा रहे हैं। मोदी यहां से आतंकवाद के खिलाफ करारा प्रहार करने जा रहे हैं।

जानें किसने कहा- 'चाय वाले ने पाकिस्तान को औकात दिखा दी'

नई दिल्ली(जेएनएन)। प्रधानमंत्री पीएम मोदी इस बार विजयदशमी लखनऊ में मनाएंगे। 11 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन पीएम मोदी लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान से बुराइयों पर अच्छाइयों की जीत का संदेश देंगे।

 

अभी तक ज्यादातर प्रधानमंत्रियों ने दिल्ली में ही विजयदशमी का त्योहार मनाया है। हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री ने दिल्ली के बाहर दशहरा मनाने की सोची है। पीएम मोदी कुछ अलग करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्होंने लखनऊ से दुनिया पर छाई आतंक की काली छाया के संपूर्ण नाश की हुंकार भरने का निर्णय लिया है।

पीएम नरेंद्र मोदी की दशहरा पर लखनऊ आगमन की तैयारी

अलहदा कामों के लिए मशहूर पीएम

पीएम मोदी के लिए यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी बाढ़ की आपदा से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर राज्य के दुखों में शामिल होने के लिए मोदी ने यहां दीवाली का त्योहार मनाया था। कुछ ऐसे ही लखनऊ स्थित ऐशबाग का रामलीला मैदान गवाह बनेगा। जल्द ही उत्तर प्रदेश में विधान सभा के चुनाव होने जा रहे हैं। मोदी यहां से आतंकवाद के खिलाफ करारा प्रहार करने जा रहे हैं।

जानें किसने कहा- 'चाय वाले ने पाकिस्तान को औकात दिखा दी'

नई दिल्ली(जेएनएन)। प्रधानमंत्री पीएम मोदी इस बार विजयदशमी लखनऊ में मनाएंगे। 11 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन पीएम मोदी लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान से बुराइयों पर अच्छाइयों की जीत का संदेश देंगे।

 

अभी तक ज्यादातर प्रधानमंत्रियों ने दिल्ली में ही विजयदशमी का त्योहार मनाया है। हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री ने दिल्ली के बाहर दशहरा मनाने की सोची है। पीएम मोदी कुछ अलग करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्होंने लखनऊ से दुनिया पर छाई आतंक की काली छाया के संपूर्ण नाश की हुंकार भरने का निर्णय लिया है।

पीएम नरेंद्र मोदी की दशहरा पर लखनऊ आगमन की तैयारी

अलहदा कामों के लिए मशहूर पीएम

पीएम मोदी के लिए यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी बाढ़ की आपदा से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर राज्य के दुखों में शामिल होने के लिए मोदी ने यहां दीवाली का त्योहार मनाया था। कुछ ऐसे ही लखनऊ स्थित ऐशबाग का रामलीला मैदान गवाह बनेगा। जल्द ही उत्तर प्रदेश में विधान सभा के चुनाव होने जा रहे हैं। मोदी यहां से आतंकवाद के खिलाफ करारा प्रहार करने जा रहे हैं।

जानें किसने कहा- 'चाय वाले ने पाकिस्तान को औकात दिखा दी'

नई दिल्ली(जेएनएन)। प्रधानमंत्री पीएम मोदी इस बार विजयदशमी लखनऊ में मनाएंगे। 11 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन पीएम मोदी लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान से बुराइयों पर अच्छाइयों की जीत का संदेश देंगे।

 

अभी तक ज्यादातर प्रधानमंत्रियों ने दिल्ली में ही विजयदशमी का त्योहार मनाया है। हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री ने दिल्ली के बाहर दशहरा मनाने की सोची है। पीएम मोदी कुछ अलग करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्होंने लखनऊ से दुनिया पर छाई आतंक की काली छाया के संपूर्ण नाश की हुंकार भरने का निर्णय लिया है।

पीएम नरेंद्र मोदी की दशहरा पर लखनऊ आगमन की तैयारी

अलहदा कामों के लिए मशहूर पीएम

पीएम मोदी के लिए यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी बाढ़ की आपदा से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर राज्य के दुखों में शामिल होने के लिए मोदी ने यहां दीवाली का त्योहार मनाया था। कुछ ऐसे ही लखनऊ स्थित ऐशबाग का रामलीला मैदान गवाह बनेगा। जल्द ही उत्तर प्रदेश में विधान सभा के चुनाव होने जा रहे हैं। मोदी यहां से आतंकवाद के खिलाफ करारा प्रहार करने जा रहे हैं।

जानें किसने कहा- 'चाय वाले ने पाकिस्तान को औकात दिखा दी'

नई दिल्ली(जेएनएन)। प्रधानमंत्री पीएम मोदी इस बार विजयदशमी लखनऊ में मनाएंगे। 11 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन पीएम मोदी लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान से बुराइयों पर अच्छाइयों की जीत का संदेश देंगे।

 

अभी तक ज्यादातर प्रधानमंत्रियों ने दिल्ली में ही विजयदशमी का त्योहार मनाया है। हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री ने दिल्ली के बाहर दशहरा मनाने की सोची है। पीएम मोदी कुछ अलग करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्होंने लखनऊ से दुनिया पर छाई आतंक की काली छाया के संपूर्ण नाश की हुंकार भरने का निर्णय लिया है।

पीएम नरेंद्र मोदी की दशहरा पर लखनऊ आगमन की तैयारी

अलहदा कामों के लिए मशहूर पीएम

पीएम मोदी के लिए यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी बाढ़ की आपदा से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर राज्य के दुखों में शामिल होने के लिए मोदी ने यहां दीवाली का त्योहार मनाया था। कुछ ऐसे ही लखनऊ स्थित ऐशबाग का रामलीला मैदान गवाह बनेगा। जल्द ही उत्तर प्रदेश में विधान सभा के चुनाव होने जा रहे हैं। मोदी यहां से आतंकवाद के खिलाफ करारा प्रहार करने जा रहे हैं।

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नई दिल्ली(जेएनएन)। प्रधानमंत्री पीएम मोदी इस बार विजयदशमी लखनऊ में मनाएंगे। 11 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन पीएम मोदी लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान से बुराइयों पर अच्छाइयों की जीत का संदेश देंगे।

 

अभी तक ज्यादातर प्रधानमंत्रियों ने दिल्ली में ही विजयदशमी का त्योहार मनाया है। हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री ने दिल्ली के बाहर दशहरा मनाने की सोची है। पीएम मोदी कुछ अलग करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्होंने लखनऊ से दुनिया पर छाई आतंक की काली छाया के संपूर्ण नाश की हुंकार भरने का निर्णय लिया है।

पीएम नरेंद्र मोदी की दशहरा पर लखनऊ आगमन की तैयारी

अलहदा कामों के लिए मशहूर पीएम

पीएम मोदी के लिए यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी बाढ़ की आपदा से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर राज्य के दुखों में शामिल होने के लिए मोदी ने यहां दीवाली का त्योहार मनाया था। कुछ ऐसे ही लखनऊ स्थित ऐशबाग का रामलीला मैदान गवाह बनेगा। जल्द ही उत्तर प्रदेश में विधान सभा के चुनाव होने जा रहे हैं। मोदी यहां से आतंकवाद के खिलाफ करारा प्रहार करने जा रहे हैं।

जानें किसने कहा- 'चाय वाले ने पाकिस्तान को औकात दिखा दी'

बदलते मौसम में भी डेंगू का मच्छर (एडीज) हार नहीं मान रहा। इससे सर्वाधिक प्रभावित दून है। जनपद देहरादून में अब तक 1070 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।

बदलते मौसम में भी डेंगू का मच्छर (एडीज) हार नहीं मान रहा। इससे सर्वाधिक प्रभावित दून है। जनपद देहरादून में अब तक 1070 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
देहरादून, [जेएनएन]: प्रदेश में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बदलते मौसम में भी डेंगू का मच्छर (एडीज) हार नहीं मान रहा। इससे सर्वाधिक प्रभावित दून है। जनपद देहरादून में अब तक 1070 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा हरिद्वार में 365, नैनीताल में 101 व जनपद पौड़ी में कुल 11 मरीज सामने आए हैं। राज्य में डेंगू मरीजों की कुल संख्या 1547 पहुंच चुकी है। इसके अलावा 68 मरीज उत्तर प्रदेश से भी यहां इलाज कराने आए हैं।

डेंगू से मोर्चा लेने की सरकारी तंत्र की तमाम कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं। डेंगू पर लगाम छोडि़ए, एक भी दिन ऐसा नहीं निकल रहा जब नए मरीजों की संख्या दहाई का आंकड़ा न छुए। दून में प्राप्त 182 सैंपल की ताजा रिपोर्ट में 12 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इसमें एक-एक मरीज शांतिनगर, सहस्रधारा रोड, जीएमएस रोड, माजरा, डिफेंस कॉलोनी, खुड़बुड़ा, चंदर नगर, विकासनगर व पटेलनगर से है। इसके अलावा दो मरीज अधोईवाला व एक अन्य क्षेत्र से है।
पढ़ें:-डेंगू की आड़ में जनता को ठग रहे निजी अस्पताल
बता दें कि पिछले तीन माह में दून में 26882 मरीजों के सैंपल लिए जा चुके हैं। जिसमें 1070 में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा दो लोगों की इस कारण मौत भी हो चुकी है। इनमें एक मरीज दरभंगा बस्ती जबकि दूसरा पार्क रोड से था।
पढ़ें:-कनखल में बुखार से दो मौत, स्वास्थ्य विभाग का इन्कार
दीपावली तक चलेगा फॉगिंग और छिड़काव अभियान
महापौर विनोद चमोली ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर फॉगिंग व छिड़काव अभियान दीपावली तक चलाने का निर्णय लिया। उन्होंने आशा कार्यकत्रियों को फिर से इस अभियान में शामिल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मकान मालिक की सहमति पर घरों के भीतर भी फॉगिंग व छिड़काव किया जाए। महापौर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में जहां डेंगू के ज्यादा मामले सामने आए हैं, वहां अभियान को और प्रभावी रूप से चलाया जाएगा।

बदलते मौसम में भी डेंगू का मच्छर (एडीज) हार नहीं मान रहा। इससे सर्वाधिक प्रभावित दून है। जनपद देहरादून में अब तक 1070 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
देहरादून, [जेएनएन]: प्रदेश में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बदलते मौसम में भी डेंगू का मच्छर (एडीज) हार नहीं मान रहा। इससे सर्वाधिक प्रभावित दून है। जनपद देहरादून में अब तक 1070 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा हरिद्वार में 365, नैनीताल में 101 व जनपद पौड़ी में कुल 11 मरीज सामने आए हैं। राज्य में डेंगू मरीजों की कुल संख्या 1547 पहुंच चुकी है। इसके अलावा 68 मरीज उत्तर प्रदेश से भी यहां इलाज कराने आए हैं।

डेंगू से मोर्चा लेने की सरकारी तंत्र की तमाम कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं। डेंगू पर लगाम छोडि़ए, एक भी दिन ऐसा नहीं निकल रहा जब नए मरीजों की संख्या दहाई का आंकड़ा न छुए। दून में प्राप्त 182 सैंपल की ताजा रिपोर्ट में 12 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इसमें एक-एक मरीज शांतिनगर, सहस्रधारा रोड, जीएमएस रोड, माजरा, डिफेंस कॉलोनी, खुड़बुड़ा, चंदर नगर, विकासनगर व पटेलनगर से है। इसके अलावा दो मरीज अधोईवाला व एक अन्य क्षेत्र से है।
पढ़ें:-डेंगू की आड़ में जनता को ठग रहे निजी अस्पताल
बता दें कि पिछले तीन माह में दून में 26882 मरीजों के सैंपल लिए जा चुके हैं। जिसमें 1070 में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा दो लोगों की इस कारण मौत भी हो चुकी है। इनमें एक मरीज दरभंगा बस्ती जबकि दूसरा पार्क रोड से था।
पढ़ें:-कनखल में बुखार से दो मौत, स्वास्थ्य विभाग का इन्कार
दीपावली तक चलेगा फॉगिंग और छिड़काव अभियान
महापौर विनोद चमोली ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर फॉगिंग व छिड़काव अभियान दीपावली तक चलाने का निर्णय लिया। उन्होंने आशा कार्यकत्रियों को फिर से इस अभियान में शामिल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मकान मालिक की सहमति पर घरों के भीतर भी फॉगिंग व छिड़काव किया जाए। महापौर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में जहां डेंगू के ज्यादा मामले सामने आए हैं, वहां अभियान को और प्रभावी रूप से चलाया जाएगा।

बदलते मौसम में भी डेंगू का मच्छर (एडीज) हार नहीं मान रहा। इससे सर्वाधिक प्रभावित दून है। जनपद देहरादून में अब तक 1070 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
देहरादून, [जेएनएन]: प्रदेश में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बदलते मौसम में भी डेंगू का मच्छर (एडीज) हार नहीं मान रहा। इससे सर्वाधिक प्रभावित दून है। जनपद देहरादून में अब तक 1070 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा हरिद्वार में 365, नैनीताल में 101 व जनपद पौड़ी में कुल 11 मरीज सामने आए हैं। राज्य में डेंगू मरीजों की कुल संख्या 1547 पहुंच चुकी है। इसके अलावा 68 मरीज उत्तर प्रदेश से भी यहां इलाज कराने आए हैं।

डेंगू से मोर्चा लेने की सरकारी तंत्र की तमाम कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं। डेंगू पर लगाम छोडि़ए, एक भी दिन ऐसा नहीं निकल रहा जब नए मरीजों की संख्या दहाई का आंकड़ा न छुए। दून में प्राप्त 182 सैंपल की ताजा रिपोर्ट में 12 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इसमें एक-एक मरीज शांतिनगर, सहस्रधारा रोड, जीएमएस रोड, माजरा, डिफेंस कॉलोनी, खुड़बुड़ा, चंदर नगर, विकासनगर व पटेलनगर से है। इसके अलावा दो मरीज अधोईवाला व एक अन्य क्षेत्र से है।
पढ़ें:-डेंगू की आड़ में जनता को ठग रहे निजी अस्पताल
बता दें कि पिछले तीन माह में दून में 26882 मरीजों के सैंपल लिए जा चुके हैं। जिसमें 1070 में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा दो लोगों की इस कारण मौत भी हो चुकी है। इनमें एक मरीज दरभंगा बस्ती जबकि दूसरा पार्क रोड से था।
पढ़ें:-कनखल में बुखार से दो मौत, स्वास्थ्य विभाग का इन्कार
दीपावली तक चलेगा फॉगिंग और छिड़काव अभियान
महापौर विनोद चमोली ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर फॉगिंग व छिड़काव अभियान दीपावली तक चलाने का निर्णय लिया। उन्होंने आशा कार्यकत्रियों को फिर से इस अभियान में शामिल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मकान मालिक की सहमति पर घरों के भीतर भी फॉगिंग व छिड़काव किया जाए। महापौर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में जहां डेंगू के ज्यादा मामले सामने आए हैं, वहां अभियान को और प्रभावी रूप से चलाया जाएगा।

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Sat Low: 58 °F High: 70 °F
Sun Low: 57 °F High: 69 °F
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सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर ISI और आतंकी संगठनों में खलबली मची हुई है वहीँ इंडिया मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम कराची से अंडर ग्राउंड हो गया है|

नई दिल्ली : पाकिस्तान की सरहद के भीतर से जहां सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर ISI और आतंकी संगठनों में खलबली मची हुई है वहीँ इंडिया मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम कराची से अंडर ग्राउंड हो गया है| आईबी की गोपनीय रिपोर्ट के मुताबिक दाऊद के दोनों फोन ऑफ हैं| क्लिफ्टन उसके घर पर 29 सितंबर के बाद से कोई गतिविधि नहीं देखी गयी है|

दाऊद ने ली सेफ हाउस में पनाह 

सूत्रों के मुताबिक आईबी करीबियों ने खुलासा किया है कि दाऊद इब्राहिम ISI के निर्देश पर इस्लामाबाद से कुछ दूर चक एरिया में ISI के सेफ हाउस में पनाह दी गयी है| दाऊद के साथ उनकी पत्नी मेहजबीन और भाई अनीस इब्राहिम और परिवार के कुछ सदस्य हैं| दरअसल पिछले सालों से दाऊद के खिलाफ आईबी ने कई आपरेशन पाकिस्तान में किये है और ज्यादातर आपरेशन की कमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के हाथों में रही है|

दाऊद को पाक में दबोचने पर कामयाबी नहीं मिली 

हालांकि भारतीय एजेंसियों को पाकिस्तान के भीतर दबोचने या साफ करने में कामयाबी नहीं मिली| लेकिन जिस तरह पहली बार भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारा है| उससे दाऊद थर्रा गया है| 'डी' कंपनी के सूत्रों के मुताबिक जहां दाऊद इब्राहिम जहां ISI के सेफ हाउस में दिया गया है| वहीँ छोटा शकील को भी पिछले कई दिनों से डिफेन्स हाऊसिंग एरिया के बंगले में नहीं देखा गया है|

दाऊद की उलटी गिनती शुरू

इधर गृहमंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि डोभाल ने कुछ चुनिंदा ख़ुफ़िया अफसरों  का एक विशेष ग्रुप बनाया गया है, जो पूरी तरह से 'डी' कंपनी की सुरागरसी कर रहा है| अजीत डोभाल चाहते हैं कि दाऊद को पकड़कर भारत लाया जाये, लेकिन ये आपरेशन तब तक दाऊद अफगानिस्तान एरिया से सटे पखतूल इलाके में उसकी लोकेशन मिले| इसी तरह डोभाल का प्लान 'बी' दाऊद को पाक में ही ढेर करने का है| बहरहाल अब दाऊद की उलटी गिनती शुरू हो गयी है|

- Web Desk, The Indian Exposure

सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर ISI और आतंकी संगठनों में खलबली मची हुई है वहीँ इंडिया मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम कराची से अंडर ग्राउंड हो गया है|

नई दिल्ली : पाकिस्तान की सरहद के भीतर से जहां सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर ISI और आतंकी संगठनों में खलबली मची हुई है वहीँ इंडिया मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम कराची से अंडर ग्राउंड हो गया है| आईबी की गोपनीय रिपोर्ट के मुताबिक दाऊद के दोनों फोन ऑफ हैं| क्लिफ्टन उसके घर पर 29 सितंबर के बाद से कोई गतिविधि नहीं देखी गयी है|

दाऊद ने ली सेफ हाउस में पनाह 

सूत्रों के मुताबिक आईबी करीबियों ने खुलासा किया है कि दाऊद इब्राहिम ISI के निर्देश पर इस्लामाबाद से कुछ दूर चक एरिया में ISI के सेफ हाउस में पनाह दी गयी है| दाऊद के साथ उनकी पत्नी मेहजबीन और भाई अनीस इब्राहिम और परिवार के कुछ सदस्य हैं| दरअसल पिछले सालों से दाऊद के खिलाफ आईबी ने कई आपरेशन पाकिस्तान में किये है और ज्यादातर आपरेशन की कमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के हाथों में रही है|

दाऊद को पाक में दबोचने पर कामयाबी नहीं मिली 

हालांकि भारतीय एजेंसियों को पाकिस्तान के भीतर दबोचने या साफ करने में कामयाबी नहीं मिली| लेकिन जिस तरह पहली बार भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारा है| उससे दाऊद थर्रा गया है| 'डी' कंपनी के सूत्रों के मुताबिक जहां दाऊद इब्राहिम जहां ISI के सेफ हाउस में दिया गया है| वहीँ छोटा शकील को भी पिछले कई दिनों से डिफेन्स हाऊसिंग एरिया के बंगले में नहीं देखा गया है|

दाऊद की उलटी गिनती शुरू

इधर गृहमंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि डोभाल ने कुछ चुनिंदा ख़ुफ़िया अफसरों  का एक विशेष ग्रुप बनाया गया है, जो पूरी तरह से 'डी' कंपनी की सुरागरसी कर रहा है| अजीत डोभाल चाहते हैं कि दाऊद को पकड़कर भारत लाया जाये, लेकिन ये आपरेशन तब तक दाऊद अफगानिस्तान एरिया से सटे पखतूल इलाके में उसकी लोकेशन मिले| इसी तरह डोभाल का प्लान 'बी' दाऊद को पाक में ही ढेर करने का है| बहरहाल अब दाऊद की उलटी गिनती शुरू हो गयी है|

- Web Desk, The Indian Exposure

सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक्स पाकिस्तान में की तो कुछ लोगों की अब बोलती बन्द है इसके सबुत को लेकर जमकर सियासत हो रही है सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर तुच्छ राजनीति हो

नई दिल्ली : सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक्स पाकिस्तान में की तो कुछ लोगों की अब बोलती बन्द है इसके सबुत को लेकर जमकर सियासत हो रही है सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर तुच्छ राजनीति हो रही है | सरकार विरोधी सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहे है| 

इंडिया संवाद को सरकारी सूत्रों से जानकारी मिली है कि इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि सर्जिकल स्ट्राइक के तुंरत बाद अमेरिका की एनएसए सुसेन राइस ने भारत के NSA अजित डोभाल को फोन किया था|

अमेरिकी सेट में सर्जिकल स्ट्राइक की तस्वीरें भी कैद हुई है जिस वक्त ऑपरेशन पूरी खत्म भी नहीं हुआ था , उस वक्त अमेरिकी NSA ने अजित डोभाल को फोन किया था |

साथ ही सूत्रो ने इंडिया संवाद को बताया कि देश की सुरक्षा के मद्देनजर सेना सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो जारी नहीं करेगी| दरअसल सेना नहीं चाहती कि दुश्मन देशों को वीडियो के जरिए भारत के ऑपरेशन को अंजाम देने की तकनीक का पता चले|

साथ ही सेना के अधिकारियों ने बताया कि सेना पीओके में आंतक का अड्डा खत्म करने के लिए आगे भी सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी कर रही है | अगर सीमा पर फायरिंग की आड़ में घुसपैठ की कोशिश होती है तो फिर से हम POK मे घुस कर कार्रवाई करेगें| 

- Web Desk, The Indian Exposure

सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक्स पाकिस्तान में की तो कुछ लोगों की अब बोलती बन्द है इसके सबुत को लेकर जमकर सियासत हो रही है सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर तुच्छ राजनीति हो

नई दिल्ली : सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक्स पाकिस्तान में की तो कुछ लोगों की अब बोलती बन्द है इसके सबुत को लेकर जमकर सियासत हो रही है सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर तुच्छ राजनीति हो रही है | सरकार विरोधी सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहे है| 

इंडिया संवाद को सरकारी सूत्रों से जानकारी मिली है कि इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि सर्जिकल स्ट्राइक के तुंरत बाद अमेरिका की एनएसए सुसेन राइस ने भारत के NSA अजित डोभाल को फोन किया था|

अमेरिकी सेट में सर्जिकल स्ट्राइक की तस्वीरें भी कैद हुई है जिस वक्त ऑपरेशन पूरी खत्म भी नहीं हुआ था , उस वक्त अमेरिकी NSA ने अजित डोभाल को फोन किया था |

साथ ही सूत्रो ने इंडिया संवाद को बताया कि देश की सुरक्षा के मद्देनजर सेना सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो जारी नहीं करेगी| दरअसल सेना नहीं चाहती कि दुश्मन देशों को वीडियो के जरिए भारत के ऑपरेशन को अंजाम देने की तकनीक का पता चले|

साथ ही सेना के अधिकारियों ने बताया कि सेना पीओके में आंतक का अड्डा खत्म करने के लिए आगे भी सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी कर रही है | अगर सीमा पर फायरिंग की आड़ में घुसपैठ की कोशिश होती है तो फिर से हम POK मे घुस कर कार्रवाई करेगें| 

- Web Desk, The Indian Exposure

बाबा रामदेव ने कहा कि हाफिज सईद और दाऊद इब्राहिम को भी पाकिस्तान की जमीन पर मारकर मोक्ष दिला देना चाहिए।

बाबा रामदेव ने पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में बैन करने का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले की निंदा करनी चाहिए।
योग गुरु बाबा रामदेव ने भारतीय सेना की ओर से पीओके में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खिलाफ भी समान दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसी ही कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हाफिज सईद और दाऊद इब्राहिम को भी पाकिस्तान की जमीन पर मारकर मोक्ष दिला देना चाहिए। ईटी को दिए गए एक इंटरव्यू में रामदेव ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीछे से छुर्रा घोंपने का काम किया है और इससे पाकिस्तान के साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है। साथ ही यह साबित हो गया है कि उनका पीएम ‘नपुंसक’ और सेना के हाथों की ‘कठपुतली’ है।
वहीं उन्होंने पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में बैन करने का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले की निंदा करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने चीनी चीजों का बहिष्कार करने की बात कही और कहा कि चीन ने हमेशा भारत को धोखा दिया है और पाकिस्तान का साथ दिया है। इस दौरान उन्होंने बीफ बैन को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार को पूरे देश में बीफ बैन करने के लिए एक बिल पेश करना चाहिए। इसी के साथ ही बाबा रामदेव ने कई और मुद्दों पर भी बातचीत की।
गौरतलब है कि बता दें, 18 सितंबर को कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना के आर्मी कैंप पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में भारतीय सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय सेना ने 29 सितंबर को एलओसी पार करके पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक किया था। इसकी जानकारी भारतीय सेना ने दी थी। भारतीय सेना ने बताया था कि सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए पीओके स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। इसमें कई आतंकियों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। हालांकि, पाकिस्तान ने भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे का खंडन किया था।

बाबा रामदेव ने कहा कि हाफिज सईद और दाऊद इब्राहिम को भी पाकिस्तान की जमीन पर मारकर मोक्ष दिला देना चाहिए।

बाबा रामदेव ने पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में बैन करने का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले की निंदा करनी चाहिए।
योग गुरु बाबा रामदेव ने भारतीय सेना की ओर से पीओके में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खिलाफ भी समान दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसी ही कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हाफिज सईद और दाऊद इब्राहिम को भी पाकिस्तान की जमीन पर मारकर मोक्ष दिला देना चाहिए। ईटी को दिए गए एक इंटरव्यू में रामदेव ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीछे से छुर्रा घोंपने का काम किया है और इससे पाकिस्तान के साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है। साथ ही यह साबित हो गया है कि उनका पीएम ‘नपुंसक’ और सेना के हाथों की ‘कठपुतली’ है।
वहीं उन्होंने पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में बैन करने का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले की निंदा करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने चीनी चीजों का बहिष्कार करने की बात कही और कहा कि चीन ने हमेशा भारत को धोखा दिया है और पाकिस्तान का साथ दिया है। इस दौरान उन्होंने बीफ बैन को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार को पूरे देश में बीफ बैन करने के लिए एक बिल पेश करना चाहिए। इसी के साथ ही बाबा रामदेव ने कई और मुद्दों पर भी बातचीत की।
गौरतलब है कि बता दें, 18 सितंबर को कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना के आर्मी कैंप पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में भारतीय सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय सेना ने 29 सितंबर को एलओसी पार करके पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक किया था। इसकी जानकारी भारतीय सेना ने दी थी। भारतीय सेना ने बताया था कि सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए पीओके स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। इसमें कई आतंकियों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। हालांकि, पाकिस्तान ने भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे का खंडन किया था।

नवाज शरीफ ने कहा, 'यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबी और बेरोजगारी के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की चुनौती को स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘द डॉन’ के हवाले से बताया गया कि बुधवार को पाकिस्तानी पार्लियामेंट के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सीमा पर युद्ध की बजाय देश के भीतर गरीबी और बेरोजगारी के खिलाफ जंग छेड़ने की बात कही।
कश्मीर मुद्दे और सीमा पर भारत के साथ बढ़े तनाव को ध्यान में रखकर चर्चा के लिए बुलाए गए संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने कहा, ‘यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।’
हालांकि, नवाज शरीफ ने भारतीय प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा वहीं था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उरी हमले के बाद केरल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘अगर जंग छेड़नी है तो हमें गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा के खिलाफ जंग छेड़ी चाहिए। आइए देखते हैं कौन इस जंग को पहले जीतता है।’

नवाज शरीफ ने कहा, 'यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबी और बेरोजगारी के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की चुनौती को स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘द डॉन’ के हवाले से बताया गया कि बुधवार को पाकिस्तानी पार्लियामेंट के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सीमा पर युद्ध की बजाय देश के भीतर गरीबी और बेरोजगारी के खिलाफ जंग छेड़ने की बात कही।
कश्मीर मुद्दे और सीमा पर भारत के साथ बढ़े तनाव को ध्यान में रखकर चर्चा के लिए बुलाए गए संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने कहा, ‘यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।’
हालांकि, नवाज शरीफ ने भारतीय प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा वहीं था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उरी हमले के बाद केरल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘अगर जंग छेड़नी है तो हमें गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा के खिलाफ जंग छेड़ी चाहिए। आइए देखते हैं कौन इस जंग को पहले जीतता है।’

नवाज शरीफ ने कहा, 'यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबी और बेरोजगारी के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की चुनौती को स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘द डॉन’ के हवाले से बताया गया कि बुधवार को पाकिस्तानी पार्लियामेंट के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सीमा पर युद्ध की बजाय देश के भीतर गरीबी और बेरोजगारी के खिलाफ जंग छेड़ने की बात कही।
कश्मीर मुद्दे और सीमा पर भारत के साथ बढ़े तनाव को ध्यान में रखकर चर्चा के लिए बुलाए गए संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने कहा, ‘यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।’
हालांकि, नवाज शरीफ ने भारतीय प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा वहीं था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उरी हमले के बाद केरल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘अगर जंग छेड़नी है तो हमें गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा के खिलाफ जंग छेड़ी चाहिए। आइए देखते हैं कौन इस जंग को पहले जीतता है।’

नवाज शरीफ ने कहा, 'यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबी और बेरोजगारी के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की चुनौती को स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘द डॉन’ के हवाले से बताया गया कि बुधवार को पाकिस्तानी पार्लियामेंट के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सीमा पर युद्ध की बजाय देश के भीतर गरीबी और बेरोजगारी के खिलाफ जंग छेड़ने की बात कही।
कश्मीर मुद्दे और सीमा पर भारत के साथ बढ़े तनाव को ध्यान में रखकर चर्चा के लिए बुलाए गए संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने कहा, ‘यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।’
हालांकि, नवाज शरीफ ने भारतीय प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा वहीं था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उरी हमले के बाद केरल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘अगर जंग छेड़नी है तो हमें गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा के खिलाफ जंग छेड़ी चाहिए। आइए देखते हैं कौन इस जंग को पहले जीतता है।’

नवाज शरीफ ने कहा, 'यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबी और बेरोजगारी के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की चुनौती को स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘द डॉन’ के हवाले से बताया गया कि बुधवार को पाकिस्तानी पार्लियामेंट के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सीमा पर युद्ध की बजाय देश के भीतर गरीबी और बेरोजगारी के खिलाफ जंग छेड़ने की बात कही।
कश्मीर मुद्दे और सीमा पर भारत के साथ बढ़े तनाव को ध्यान में रखकर चर्चा के लिए बुलाए गए संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने कहा, ‘यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।’
हालांकि, नवाज शरीफ ने भारतीय प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा वहीं था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उरी हमले के बाद केरल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘अगर जंग छेड़नी है तो हमें गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा के खिलाफ जंग छेड़ी चाहिए। आइए देखते हैं कौन इस जंग को पहले जीतता है।’

नवाज शरीफ ने कहा, 'यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबी और बेरोजगारी के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की चुनौती को स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘द डॉन’ के हवाले से बताया गया कि बुधवार को पाकिस्तानी पार्लियामेंट के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सीमा पर युद्ध की बजाय देश के भीतर गरीबी और बेरोजगारी के खिलाफ जंग छेड़ने की बात कही।
कश्मीर मुद्दे और सीमा पर भारत के साथ बढ़े तनाव को ध्यान में रखकर चर्चा के लिए बुलाए गए संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने कहा, ‘यदि वह (भारत) गरीबी को खत्म करने, बेरोजगारी से निजात पाने और विकासपथ पर बढ़ने के लिए सच में हमारे साथ मिलकर काम करना चाहते हैं तो यह लक्ष्य खून-खराबे, गोली और सीमा पर तनाव से नहीं हासिल होगा।’
हालांकि, नवाज शरीफ ने भारतीय प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा वहीं था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उरी हमले के बाद केरल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘अगर जंग छेड़नी है तो हमें गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा के खिलाफ जंग छेड़ी चाहिए। आइए देखते हैं कौन इस जंग को पहले जीतता है।’

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पुलिस ने इंटरनेट से चलने वाले सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। शहर के आधा दर्जन स्थानों पर हुई छापेमारी में इस धंधे में शामिल एक दर्जन सेक्स वर्कर्स और ग्राहक पुलिस ने दबोचे हैं। देर रात तक पुलिस की छापेमारी जारी थी। पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने मामले की पुष्टि की है, लेकिन इसमें पूरी जानकारी नहीं दी जा रही।

पकड़े गए आरोपियों को जानीपुर पुलिस स्टेशन में रखा गया है। पीटा 5/8, आईटी एक्ट के तहत इन लोगों के खिलाफ विभिन्न पुलिस स्टेशनों में केस दर्ज किया गया है। पकड़ी गईं सेक्स वर्कर्स से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के पास सूचना मिली थी कि इमेल, वाट्सएप, वेबसाइट, फेसबुक पर कुछ अकाउंट बनाए गए हैं। यहां पर सेक्स वर्कर्स ने अपने मोबाइल नंबर दिए हुए हैं। इन नंबरों के माध्यम से आनलाइन बात होती है और मोबाइल पर बात कर जगह तय होती है।

नाम शबाना' की कहानी 'बेबी' से अलग है, लेकिन इसके किरदार और पृष्ठभूमि वैसी ही रहेगी। इसलिए जब तापसी फिल्म में एक खास मिशन पर जाती हैं...
मुंबई। 'बेबी' में अक्षय कुमार के साथ सीक्रेट मिशन पर जाने वाली तापसी पन्नू एक बार फिर उनके साथ स्पेशल मिशन पर जाने वाली हैं, लेकिन इस बार हालात अलग होंगे।
'पिंक' में अपने बेहतरीन अभिनय के लिए तालियां बटोरने वाली तापसी पन्नू ने अपनी अगली फिल्म 'नाम शबाना' की शूटिंग शुरू कर दी है। इस फिल्म में तापसी अंडरकवर एजेंट के रोल में है। 'नाम शबाना' की कहानी 'बेबी' से अलग है, लेकिन इसके किरदार और पृष्ठभूमि वैसी ही रहेगी। इसलिए जब तापसी फिल्म में एक खास मिशन पर जाती हैं, तो उसमें उनका साथ 'बेबी' वाली टीम यानि अक्षय कुमार, डैनी डेंजोंग्पा और अनुपम खेर देते हैं। अक्षय का बस इतना ही रोल होगा। बाकी फिल्म में तापसी लीड रोल में हैं। इस बार साउथ एक्टर पृथ्वीराज और मनोज बाजपेई भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे।
रॉकस्टार फरहान अख्तर इस फिल्म में बनने वाले हैं अंडरवर्ल्ड डॉन
'नाम शबाना' के लिए तापसी ने कांबेट स्किल्स भी सीखे हैं। इसके लिए उन्होंने क्राव मागा और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली है। अक्षय के साथ वाला शेड्यूल मलेशिया में शूट किया जा रहा है। आपको याद होगा 'बेबी' में अक्षय-तापसी को नेपाल में साथ काम करते हुए दिखाया गया था। वैसे 'पिंक' के बाद तापसी की इस फिल्म का इंतजार दर्शकों को रहेगा।

लोढ़ा कमेटी और बीसीसीआई के बीच तनानती पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर से पूछा कि क्या वह कमिटी की सिफारिशें लागू करने को लेकर लिखित अंडरटेकिंग देंगे या कोर्ट आदेश जारी करे. जिस पर बीसीसीआई ने हलफनामा देने से इनकार कर दिया. हालांकि कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है अब शुक्रवार को सर्वोच्च अदालत फैसला सुनाएगी.

लोढ़ा कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआई को उद्दंड करार देते हुए उन पर पैनल की सिफारिशों को नहीं लागू करने का आरोप लगाया. बीसीसीआई ने इसके जवाब में कहा कि लोढ़ा कमेटी की अधिकतर सिफारिशों को वोटिंग प्रणाली के तहत खारिज कर दिया गया है. इस दौरान चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि उन्हें लगता है कि बीसीसीआई अधिकारी कोर्ट से उन्हें निलंबित करने की मांग कर रहे हैं.

सुनवाई के दौरान लोढ़ा कमेटी ने बीसीसीआई पर तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का भी आरोप लगाया. लोढ़ा कमेटी ने कहा, ‘बीसीसीआई उद्दंड है, वो सुधारों को लागू नहीं कर रहा. हमने बीसीसीआई को कई मेल किए लेकिन उसके हमें जवाब नहीं मिले. बीसीसीआई मीडिया के सामने तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहा है.’

इसके जवाब में बीसीसीआई ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा और कहा, ‘लोढ़ा कमेटी की अधिकांश सिफारिशें वोटिंग सिस्टम के तहत खारिज कर दी गई हैं. हमने लोढ़ा कमेटी की मेल का जवाब दिया.’ इसके बाद बीसीसीआई की ओर से केस देख रहे मशहूर वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को दोनों के बीच हुई 40 मेल की डिटेल सौंपी.

दिल्ली के रहने वाले पैरानॉर्मल एक्टिविटी एक्सपर्ट गौरव तिवारी की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है। उनकी मौत 7 जुलाई को हुई। हालांकि उनकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह खुदकुशी का मामला लग रहा है। मौत की असली वजह पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी। गौरव का शव बाथरूम के फ्लोर पर पड़ा मिला।

पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक ऑटोप्सी रिपोर्ट के मुताबिक तिवारी की मौत के पीछे किसी गड़बड़ी की आशंका नजर नहीं आती और आत्महत्या के कारण का अभी पता लगाया जाना बाकी है।

'ज्यादा पैसे नहीं कमा रहे थे'
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रारंभिक ऑटोप्सी रिपोर्ट पुष्टि करती है कि उन्होंने आत्महत्या की है। जब उन्होंने कपड़े के एक टुकड़े का इस्तेमाल कर फांसी लगाई तो उस समय द्वारका स्थित फ्लैट में उनके माता-पिता और पत्नी सहित परिवार के सभी लोग मौजूद थे।’’ एक अधिकारी ने कहा कि तिवारी के परिवार के सदस्य भूतों की गतिविधियों के बारे में बताने के उनके काम से, वह भी देर रात में यह काम करने से खुश नहीं थे। तिवारी ज्यादा पैसा भी नहीं कमा रहे थे।

ली थी पायलट की ट्रेनिंग, बन गए पैरानॉर्मल एक्सपर्ट
गौरव तिवारी ने पायलट की ट्रेनिंग ली हुई थी, लेकिन उन्होंने काम अलग ही विधा में किया। वह कई टीवी शो में आत्मा के होने या न होने के दावे पर पैरानॉर्मल एक्टिविटी एक्सपर्ट के तौर पर काम कर चुके थे। उन्होंने आत्मा और भूत-प्रेत व रहस्यमयी दुनिया जैसे सब्जेक्ट्स पर वैज्ञानिक अध्ययन के लिए 'इंडियन पैरानॉर्मल सोसायटी' संस्था बनाई थी। गौरव अलग-अलग उपकरणों के साथ कथित रूप से भूत के साये वाली जगहों की पड़ताल करने जाते थे और उनके पास युवाओं की पूरी टीम थी। उनको पहचान तब मिली जब उन्होंने देशभर में कथित रूप से खतरनाक कही जाने वाली जगहों पर रातों में रुककर कई प्रमाण जुटाए।

एक सरकारी जांच में कोल्ड ड्रिंक के पांच अलग-अलग प्रॉडक्ट्स में विशाक्त पदार्थ पाए गए हैं। इनमें दो मल्टीनेशनल कंपनी पेप्सिको और कोका कोला की कोल्ड ड्रिंक शामिल हैं। इन कंपनियों के 5 कोल्ड ड्रिंक की जांच में इनमें भारी धातु, लेड, क्रोमियम, केडमियम और 2 एथिल हेक्सिल फाइथेलेट जैसे जहरीले तत्व मिले हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) ने पांच कोल्ड ड्रिंक पेप्सी, कोका कोला, माउंटेन ड्यू, स्प्राइट और 7अप को अपने सैंपल में शामिल किया था। बताते चलें कि 7 अप और माउंटेन ड्यू पेप्सिको कंपनी के प्रोडक्ट हैं वहीं, स्प्राइट कोका कोला कंपनी का प्रोडक्ट है। इस परीक्षण के लिए इस साल फरवरी-मार्च महीने में प्रॉडक्ट्स का सैंपल लिया गया था। इसमें ये भी पाया गया कि इन तत्वों का प्रभाव कमरे का तापमान बढ़ने के साथ बढ़ भी जाता है।

डीटीएबी के निर्देशों के अनुसार, यह परीक्षण कोलकाता में स्थित ऑल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ (एआईआईएच एंड पीएच) के अंतर्गत कराया गया, जो कि स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

पूर्वी-पश्चिमी राजस्थान में मानसून के फिर सक्रिय होने से ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान में सामान्य से 10 डिग्री सैल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। भरतपुर जिले के बयाना और अजमेर के अराई में आज सुबह 8:30 बजे तक 10-10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के प्रवक्ता के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राजसमंद के नाथद्वारा में 8 सेंटीमीटर, अजमेर में 7 सेंटीमीटर, अजमेर के केकडी में 7 सेंटीमीटर, सिरोही जिले के पिंडवाडा में 7 सेंटीमीटर, उदयपुर के गोगुंदा में 7 सेंटीमीटर, अजमेर के भिनाय में 7 सेंटीमीटर, चित्तोडगढ़ के बेगू में 6 सेंटीमीटर, सवाईमाधोपुर में 6 सेंटीमीटर, अजमेर के नसीराबाद में 6 सेंटीमीटर, श्रीगंगानगर में 6 सेंटीमीटर, गिओला में 6 सेंटीमीटर, पिंसागन में 5 सेंटीमीटर, सरवार में 5 सेंटीमीटर, राजधानी जयपुर के फागी में 5 सेंटीमीटर, भरतपुर के वैर में 5 सेंटीमीटर, डूंगरपुर के कांवा में 5 सेंटीमीटर, अजमेर के विजयनगर में 5 सेंटीमीटर और अन्य स्थानों पर एक से चार सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार अजमेर में अधिकतम तापमान में सामान्य से 10 डिग्री सैल्सियस तक की गिरावट के साथ 26 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया वहीं चूरू में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सैल्सियस की गिरावट, बीकानेर में 7 डिग्री सैल्सियस की गिरावट के साथ 31 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर और चित्तोडगढ़ में अधिकतम तापमान में चार-चार डिग्री सैल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।

विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश होने संभावना जताई है।

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